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बिहार बोर्ड : मुश्किलें झेलकर कटिहार का राजू बना टॉपर, अब बनना चाहता है आईएएस

एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: देवेश शर्मा Updated Tue, 06 Apr 2021 08:51 PM IST

सार

प्रेरणास्पद कहानी है बिहार के कटिहार जिले के राजू की। ऋषभ राज राजू ने हाल ही में घोषित बिहार बोर्ड की परीक्षा में टॉप किया है। उन्होंने राज्य में मैट्रिक परीक्षा-2021 की टॉप-10 की वरीयता सूची में 10वें पायदान पर जगह बनाई है।
बिहार बोर्ड 10 वीं टॉपर: ऋषभ राजू
बिहार बोर्ड 10 वीं टॉपर: ऋषभ राजू - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार

कहते हैं सफलता की किसी सुविधा की मोहताज नहीं होती है। सफलता पाने के लिए कोई शॉर्टकट भी नहीं होता। लेकिन अगर दिल में कुछ करने का जज्बा हो तो राह में चाहे कितने भी झंझावत आ जाएं, मुसाफिर को रोक नहीं सकते। मंजिल कितनी भी दूर हो, अपने परिश्रम के बलबूते वे उसे प्राप्त कर ही लेते हैं। ऐसी ही कुछ प्रेरणास्पद कहानी है बिहार के कटिहार जिले के राजू की। ऋषभ राज राजू ने हाल ही में घोषित बिहार बोर्ड की परीक्षा में टॉप किया है।
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उन्होंने राज्य में मैट्रिक परीक्षा-2021 की टॉप-10 की वरीयता सूची में 10वें पायदान पर जगह बनाई है। आप सोच रहे हैं कि बीएसईबी की मेरिट लिस्ट और टॉपर्स में जगह बनाने वाले राजू किसी संपन्न परिवार से होंगे, तो ऐसा बिल्कुल नहीं है। राजू की पारिवारिक पृष्ठभूमि बेहद सामान्य है। ऋषभ राज राजू की मां एक आशा कर्मी है और पिता पंचायत में न्याय मित्र हैं।


राजू कटिहार जिले के कदवा प्रखंड में स्थित आरएनडीवी उच्च विद्यालय, सौनाली में पढ़ते हैं। यहां जाने के लिए राजू रोजाना साईकिल से 20 किलोमीटर दूर तक सफर करते थे। इसके बावजूद राजू ने बिहार बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा में 475 (95%) अंक प्राप्त किए हैं। 

बीएसईबी : बिहार बोर्ड टॉपर ऋषभ राजू
बीएसईबी : बिहार बोर्ड टॉपर ऋषभ राजू - फोटो : सोशल मीडिया
अब राजू संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करना चाहते हैं। राजू को आशा ही नहीं वरन पूर्ण विश्वास है कि वे यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा पास भी करेंगे और अपना आईएएस बनने का सपना पूरा करेंगे। बकौल राजू, उनके माता-पिता ने उन्हें कठिन परिस्थितियों में पढ़ाया है। उनके घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। ऐसी स्थिति में बिना साधन-सुविधाओं के परीक्षा की तैयारी करना बेहद मुश्किल था।

कभी साईकिल खराब हो जाती थी, तो वे स्कूल तक नहीं जा पाते थे। राजू के पिता ने बताया कि हम पति-पत्नी के अलावा परिवार में दो बेटे और दो बेटियां हैं। दोनों बेटियां बड़ी और विवाह योग्य उम्र की हैं। आईएएस बनने की ख्वाहिश रखने वाले ऋषभ राज राजू घर में अपनी मां को घेरलू कामकाज में मदद भी करते हैं। राजू को उम्मीद है कि आगे की पढ़ाई के लिए सरकार उनकी मदद करेगी। 
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