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Delhi Crime Season 2 Review: हौसले की कीमत चुकाती दिखीं डीसीपी वर्तिका चतुर्वेदी, सिनेमैटोग्राफी दिल जीत लेगी

kailash karayat kailash karayat
Updated Tue, 30 Aug 2022 10:05 AM IST
SRHU
SRHU - फोटो : SRHU
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Movie Review
दिल्ली क्राइम सीजन 2
कलाकार
शेफाली शाह , राजेश तैलंग , रसिका दुग्गल , आदिल हुसैन , अनुराग अरोड़ा , सिद्धार्थ भारद्वाज , तिलोत्तमा शोम और जतिन गोस्वामी आदि
लेखक
मयंक तिवारी , शुभा स्वरूप , एनसिया मिर्जा , संयुक्ता चावला शेख और विराट बसोया (नीरज कुमार की पुस्तक ‘मून गेजर’) पर आधारित
निर्देशक
तनुज चोपड़ा
निर्माता
एस के ग्लोबल एंटरटेनमेंट , गोल्डन कारवां और फिल्म कारवां ओरिजनल्स
ओटीटी
नेटफ्लिक्स
रेटिंग
4/5
‘दिल्ली का एक बहुत बड़ा तबका है जो रहता बस्तियों में है पर काम उनके लिए करता है जो दिल्ली के महलों में रहते हैं, ऐसे शहर को पुलिस करना पेचीदा काम है।’ इस मूल विचार के साथ बनी नेटफ्लिक्स की सीरीज ‘दिल्ली क्राइम’ को जब दो साल पहले एमी पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ ड्रामा सीरीज का पुरस्कार मिला, तो ये हिंदी मनोरंजन जगत के लिए एक लंबी छलांग थी। दुनिया को भारत की राजधानी की एक अलग तस्वीर दिखाने वाली इस सीरीज का अब दूसरा सीजन सामने है। सीरीज सिर्फ दिल्ली के अपराधों, इनके अपराधियों और इन अपराधियों के काम करने के तौर तरीकों की ही पड़ताल नहीं करती, ये सीरीज दिल्ली पुलिस के अफसरों और जवानों के उन हालातों को करीब से देखने की कोशिश करती है, जिनके तहत ये काम करते हैं। फिर अखबारों और न्यूज चैनलों की कुछ न कुछ सनसनीखेज खोजती रहने वाली आंखें हैं। मातहतों और उनके अधिकारियों के बीच बनते बिगड़ते रिश्ते हैं और हैं कुछ ऐसी कहानियां जो पुलिसवाले भी खुद कभी किसी से कह नहीं पाते।

कुशीनगर में हादसा।
कुशीनगर में हादसा। - फोटो : अमर उजाला।
अपराध कथा की सच्ची तस्वीर
वेब सीरीज ‘दिल्ली क्राइम’ का सीजन 2 सीधे अपने मुद्दे पर आता है। किरदार सारे पहले सीजन में ही पहचाने जा चुके हैं लिहाजा उनका अतीत या उनका वर्तमान सजाने की सीरीज कोशिश नहीं करती। ये सीरीज कहानी की आंखों में आंखे डालकर घूमते कैमरे के साथ फुर्ती से आगे बढ़ती है। सीरीज देखते समय अपराधियों से घिन भी होती है। पुलिस वालों से सहानुभूति भी होती है और सिस्टम से नाराजगी भी मन में आती है। एक पुलिस इंस्पेक्टर है जिसकी अपनी बेटी से सिर्फ इसलिए बातचीत बंद है क्योंकि वह उसकी शादी जल्दी से जल्दी करा देना चाहता है। एक आईपीएस अफसर है जिसके पति को उसके साथ बस कुछ वक्त बिताना है। वह अपनी पोस्टिंग से छुट्टी लेकर घर पर है और बीवी दिल्ली में हो रही सिलसिलेवार हत्याओं की तफ्तीश में व्यस्त है। और, इन सबकी मुखिया है डीसीपी वर्तिका चतुर्वेदी।

SRHU
SRHU - फोटो : SRHU
नीयत और नियति का संतुलन
डीसीपी वर्तिका चतुर्वेदी के नजरिये से देखें तो दिल्ली पुलिस किसी नट की तरह हवा में बंधी रस्सी पर संतुलन बनाते हुए अपना काम करती है। शक की बुनियाद पर लोगों को उठाओ तो समाजसेवी वकील बीच में आ जाते हैं। दूर देश में पढ़ती बिटिया को देर रात फोन करो तो उसे लगता है कि उस पर कुछ ज्यादा ही नजर रखी जा रही है और पुलिस कमिश्नर के गले पर सियासी नेताओं की तलवार लटक रही है। मामला पिछली बार दुनिया भर को हिला देने वाले बलात्कार कांड का थो तो इस बार उत्सुकता इसी बात की रही कि उससे ज्यादा जघन्य किस अपराध पर ‘दिल्ली क्राइम’ की कहानी निकलेगी। मामला इस बार उस गिरोह का है जो अकेले रहने वाले मालदार बुजुर्ग दंपतियों को अपना निशाना बनाता है। सीरीज देखकर समझ ये भी आता है कि घर आने जाने वाले या रोज मिलने जुलने वाले अपनों में ही गद्दार कैसे गिरगिट की तरह रंग बदलकर छुपे रहते हैं।
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