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मनीष सिसोदिया बोले: दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन छात्रों के माइंडसेट का भी करेगा मूल्यांकन

डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Kuldeep Singh Updated Sat, 10 Apr 2021 12:35 AM IST

सार

  • उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने अशोक विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित  एंटरप्रेन्योरशिप एजुकेशन कॉन्फ्रेंस को किया संबोधित
manish sisodiya
manish sisodiya - फोटो : फाइल फोटो
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दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है कि दिल्ली बोर्ड ऑफ एजुकेशन केवल छात्रों की पढ़ाई का ही मूल्यांकन नहीं करेगा, बल्कि वह छात्रों की उस सोच का भी मूल्यांकन करेगा कि वे एक उद्यमी बनने के लिए कितना तैयार हो चुके हैं।
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उन्होंने कहा कि हमें अपने देश को एक ऐसी अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करना चाहिए जहां बच्चे जॉब खोजने वाले नहीं, बल्कि जॉब देने वाले बनकर निकलें। उपमुख्यमंत्री ने यह बात शुक्रवार को अशोक विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही।


सिसोदिया ने कहा कि  बच्चों में उद्यमिता विकसित करने के लिए जिन योजनाओं की शुरुआत की गई थी, उनका मूल्यांकन करने के बाद पता चला है कि यह योजना काफी सफल साबित हो रही है। बच्चों को दी जा रही सीडमनी उन्हें एक बेहतर उद्यमी बनने के लिए प्रेरित कर रही है और वे इसका खूब लाभ उठा रहे हैं।

एंटरप्रेन्योर माइंडसेट की आवश्यकता पर चर्चा करते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली सरकार ने शिक्षा की नींव को ठीक करने के लिए स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई और अब शिक्षा को नींव बनाकर समाज की समस्याओं को खत्म करने का प्रयास कर रही हैं।

दिल्ली सरकार ने  स्कूल और उच्च शिक्षा के लिए अपने कुल बजट का 26 प्रतिशत आवंटित किया। दिल्ली सरकार ने शिक्षा के लिए 360 डिग्री का दृष्टिकोण अपनाया है जो बुनियादी ढांचे, छात्रों व शिक्षकों के क्षमता निर्माण पर आधारित हैं। हमारे छात्रों ने अच्छे परिणाम प्राप्त किए  है और कई स्कूलों में ऐसे छात्र थे जिन्होंने नीट, आईआईटी जैसी परीक्षा बिना किसी ट्यूशन के पास की।

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि छात्रों में विकास की मानसिकता का निर्माण करने के लिए, 9 वीं,12वीं कक्षा के छात्रों के लिए एंटरप्रेन्योरशिप माइंडसेट करिकुलम की शुरुआत की गई है जो उनमें 21वीं सदी के कौशल विकसित करने, अपनी प्रतिभा को समझने के साथ स्वयं में उद्यमिता की मानसिकता को बढ़ाने पर केंद्रित है। इसमें छात्र कौशल सीखते हैं और माइंडफुलनेस का अभ्यास करते हैं जो उन्हें बड़े सपने देखने, नए और चुनौतीपूर्ण लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करता है।

उन्होंने बताया कि ईएमसी में वास्तविक जीवन के उद्यमियों की 40 कहानियों का एक सेट बनाया गया है। ईएमसी में छात्र माइक्रो-फील्ड अनुसंधान भी कर रहे हैं, जिसमें एक छात्र 5 ऐसे लोगों का अध्ययन करता है, जो नौकरी करते हैं या जिनके पास स्टार्ट-अप या अपने स्वयं के व्यवसाय हैं। दिल्ली सरकार ने 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों को उनके उद्यमिता परियोजनाओं को शुरू करने के लिए सीडमनी दिया है, जिससे छात्रों में सीखने के लिए एक अलग तरह का माहौल पैदा हुआ है।

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