लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

Aaj Ka Kavya

आज का काव्य

Kavya

चंद मिनटों में सुनिए कविता,ग़ज़ल और शेरो शायरी

Anwar Jalalpuri Podcast: पराया कौन है और कौन अपना सब भुला देंगे

1.0x
  • 1.5x
  • 1.25x
  • 1.0x
10
10
X

सभी 73 एपिसोड

पराया कौन है और कौन अपना सब भुला देंगे
मता-ए-ज़िंदगानी एक दिन हम भी लुटा देंगे

तुम अपने सामने की भीड़ से हो कर गुज़र जाओ
कि आगे वाले तो हरगिज़ न तुम को रास्ता देंगे

जलाए हैं दिए तो फिर हवाओं पर नज़र रक्खो
ये झोंके एक पल में सब चराग़ों को बुझा देंगे

कोई पूछेगा जिस दिन वाक़ई ये ज़िंदगी क्या है
ज़मीं से एक मुट्ठी ख़ाक ले कर हम उड़ा देंगे

गिला शिकवा हसद कीना के तोहफ़े मेरी क़िस्मत हैं
मिरे अहबाब अब इस से ज़ियादा और क्या देंगे

मुसलसल धूप में चलना चराग़ों की तरह जलना
ये हंगामे तो मुझ को वक़्त से पहले थका देंगे

अगर तुम आसमाँ पर जा रहे हो शौक़ से जाओ
मिरे नक़्श-ए-क़दम आगे की मंज़िल का पता देंगे

Basant panchami 2022: अनुपम पाठक 'अनुपम' सुना रहे हैं अवधी गीत- कब से कहित हैं प्रिय बसंत आई गवा है

सुनिए, राकेश धर द्विवेदी की कविता डाॅ सुष्मिता झा की आवाज़ में- हे राम तुम फिर से, इस धरा पर आओ

आज का काव्य: नए साल शुभकानाएं दें इन शेरों से

नए साल पर अमृता प्रीतम की कविता 'नया साल कुछ ऐसे आया...' 

आज का काव्य - सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की कविता वह तोड़ती पत्थर 

सुनिए प्रज्ञा नेमा की कविता -  सच आज भी घुट-घुट के जीता  है 
 

सुनिए उत्कर्ष त्रिपाठी की कविता - गरीबी बहुत जरूरी है 

सुनिए कर्णिका की कविता - जब मैं धीरे धीरे उस भीड़ का हिस्सा हो रही थी 

आवाज

Election
  • Downloads
    News Stand

Follow Us

  • Facebook Page
  • Twitter Page
  • Youtube Page
  • Instagram Page
  • Telegram
एप में पढ़ें
जानिए अपना दैनिक राशिफल बेहतर अनुभव के साथ सिर्फ अमर उजाला एप पर
अभी नहीं

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00