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संन्यास के 11 साल के बाद भी नहीं टूटा इस खिलाड़ी का रिकॉर्ड

20 April 2022

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संन्यास के 11 साल के बाद भी नहीं टूटा इस खिलाड़ी का रिकॉर्ड

संन्यास के 11 साल के बाद भी नहीं टूटा इस खिलाड़ी का रिकॉर्ड

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बचपन में हॉकी खेलनेवाले राहुल कैसे बन गए टीम इंडिया की दीवार

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बचपन में हॉकी खेलनेवाले राहुल कैसे बन गए टीम इंडिया की दीवार

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संन्यास के 11 साल के बाद भी नहीं टूटा इस खिलाड़ी का रिकॉर्ड

इस खिलाड़ी से खौफ खाती थी दुनिया, स्वर्णिम दौर के थे अहम किरदार

पूर्व भारती हॉकी कप्तान उधम सिंह पंजाब के जालंधर से ताल्लुक रखते थे। इनकी गिनती भारतीय हॉकी के बेहतरीन खिलाड़ियों में होती थी, अपने करियर में तीन ओलंपिक स्वर्ण और एक रजत पदक जीता। हॉकी से रिटायरमेंट के बाद उधम सिंह मैनेजर के रूप में भारतीय टीम की कमान संभाली। उनके मैनेजर रहते हैं भारत ने मेक्सिको ओलंपिक 1968 में और बैंकॉक 1970 एशियाई खेलों में रजत पदक जीता था। 

बचपन में हॉकी खेलनेवाले राहुल कैसे बन गए टीम इंडिया की दीवार

अनिल कुंबले ने भारत की तरफ से 132 टेस्ट मैचों की 236 पारियों में 619 विकेट लेकर टीम इंडिया के सबसे सफल गेंदबाज बने हुए हैं। इसके अलावा 271 एकदिवसीय मैच की 265 पारियों में 337 विकेट लेने का गौरव भी उनके नाम है। अनिल कुंबले टीम इंडिया के कप्तान भी रह चुके हैं। आज देश के स्पिनरों के लिए अनिल कुंबले एक आदर्श बन चुके हैं, क्रिकेट में योगदान के देखते हुए इन्हें भारत सरकार की तरफ से भी सम्मान मिल चुका है। 

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