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Beijing Winter Olympics: नॉर्वे ने जीता शीतकालीन ओलंपिक का रिकॉर्ड 15वां स्वर्ण, 2010 के कोरिया के रिकॉर्ड को तोड़ा

स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: स्वप्निल शशांक Updated Fri, 18 Feb 2022 11:29 PM IST
सार

फिनलैंड 16 सालों में पहली बार आइस हॉकी स्पर्धा के फाइनल में पहुंच गया है। उसने सेमीफाइनल में स्लोवाकिया पर 2-0 से जीत हासिल की। पहला गोल सकारी मैनिनेन ने पहले पीरियड में किया। दूसरा गोल हैरी पेसोनेन ने किया।

बीजिंग विंटर ओलंपिक
बीजिंग विंटर ओलंपिक - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार

शीतकालीन ओलंपिक में जोनास थिंगनेस बो ने नॉर्वे को रिकॉर्ड 15वां स्वर्ण पदक दिलाने में मदद की। नार्वें से पहले 2010 में कनाडा ने 14 स्वर्ण पदक जीते थे। बो ने बायथलान में स्वर्ण पदक जीता जो उनका इस खेलों में चौथा और ओवरऑल 5वां पीला तमगा रहा। 


बो पुरुष स्पर्धा में जीत के साथ बायथलान में ऐसे तीसरे खिलाड़ी बन गए जिन्होंने एक शीतकालीन ओलंपिक में पांच पदक जीते। स्वीडन के मार्टिन पोनसिलोमा ने रजत और नॉर्वे के वेतले ने कांस्य पदक जीता। 

 
मार्टे ने जीता पांचवां पदक
इसके अलावा नॉर्वे की मार्टे ओलसबू रोसेलैंड ने शीतकालीन खेलों में बायथलान की सभी स्पर्धा में पदक जीतने वाली पहली खिलाड़ी बन गईं। उन्होंने मास स्टार्ट बायथलान की महिला स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। इससे पहले उन्होंने स्प्रिंट, परस्यूट में स्वर्ण और एकल में कांस्य पदक जीता था। 

उन्होंने मिश्रित रिले में भी टीम को स्वर्ण पदक दिलाया था। इस तरह वह एक ही शीतकालीन खेलों में बायथलान में पांच पदक जीतने वालीं पहली महिला हो गईं। मास स्टार्ट बायथलान में फ्रांस की जस्टिन ने स्वर्ण पदक जीता और ऐसा करने वालीं वह अपने देश की पहली महिला बन गईं। टिरिल ने रजत पदक जीता और वह लगातार इस स्पर्धा में तीन पदक जीतने वालीं खिलाड़ी बनीं। 

16 साल बाद फाइनल में पहुंची फिनलैंड टीम
फिनलैंड 16 सालों में पहली बार आइस हॉकी स्पर्धा के फाइनल में पहुंच गया है। उसने सेमीफाइनल में स्लोवाकिया पर 2-0 से जीत हासिल की। पहला गोल सकारी मैनिनेन ने पहले पीरियड में किया। दूसरा गोल हैरी पेसोनेन ने किया। फिनलैंड को अपने पहले स्वर्ण की तलाश है। फिनलैंड की फाइनल में गत चैंपियन रूसी ओलंपिक समिति या स्वीडन के बीच होने वाले मैच के विजेता से होगी। 

कामिला से कोच के बर्ताव पर बाक नाखुश 
रूसी ओलंपिक समिति के 15 साल की स्केटर कामिला वेलिवा के लिए ये खेल विवादास्पद और निराशाजनक रहे हैं। पहले वह डोप टेस्ट में विफल हो गईं जिससे उनका टीम चैंपियनशिप में जीते स्वर्ण पदक का समारोह अब तक नहीं हो पाया। 
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उसके बाद विशेष अनुमति पाकर फ्री स्केट स्पर्धा में उतरी लेकिन दो बार गिरने से वह चौथे स्थान पर आकर पदक से वंचित हो गईं। हालांकि अगर वह जीत जातीं तो इस स्पर्धा का पदक समारोह भी अधर में लटक जाता। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के प्रमुख थामस बाक कामिला के कोच के बर्ताव से नाखुश हैं। 

उनका कहना है कि 15 साल की एक खिलाड़ी जो इन खेलों में डोप टेस्ट प्रकरण के कारण पहले मानसिक यंत्रणा के दौर से गुजर रही है, उसको गले लगाने या हमदर्दी जताने की जगह कोच ने उनसे यह पूछा कि तुम चूक कैसे गईं, तुमने संघर्ष क्यों नहीं किया। 

आईओसी प्रमुख बाक की प्रतिक्रिया के बाद रूस के उपप्रधानमंत्री दिमित्री चेरनीशेंको ने कहा कि आईओसी प्रमुख का कामिला को लेकर इस तरह प्रतिक्रिया अनुपयुक्त और गलत है। हम इससे निराश हैं, अपनी निजी भावनाओं को इस तरह आईओसी की आवाज बनाना ठीक नहीं है।
 

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