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डॉक्टरों की सलाह पर तीन बार मिल सकेगी राशि

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 18 Feb 2022 11:35 PM IST
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उरई। अब उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिला को डॉक्टर की सलाह पर तीन बार 100-100 रुपये की प्रोत्साहन राशि मिल सकेगी। इस संबंध में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक ने डीएम व सीएमओ को पत्र भेजा है। अभी तक ऐसे मामलों में एक बार महिला को प्रोत्साहन राशि दी जाती थी।

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसए) के तहत उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) ट्रेकिंग के लिए अभियान का विस्तार किया जा रहा है। सीएमओ डॉ. एनडी शर्मा ने बताया कि प्रत्येक गर्भवती महिला को दूसरे और तीसरे तिमाही पर पीएमएसए दिवस पर चयनित स्वास्थ्य इकाइयों पर उच्च जोखिम की जांच के लिए लाना आशा कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है। इस दौरान एचआरपी के रुप में चिह्नित की गई गर्भवती महिला की स्त्री रोग विशेषज्ञ की देखरेख में तीन अतिरिक्त प्रसव संबंधी जांच कराना आशा व एएनएम की जिम्मेदारी रहेगी। इन तीनों जांचों में आशा कार्यकर्ता को गर्भवती के साथ अस्पताल आना जरूरी है। अब इन तीनों जांचों के लिए आशाओं के साथ ही गर्भवती महिला को भी 100 रुपये के हिसाब से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

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ध्यान रखने वालों को भी मिलेगी राशि
जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता रूबी का कहना है कि नई व्यवस्था के तहत विशेषज्ञ चिकित्सक की तरफ से चिह्नित उच्च जोखिम वाली गर्भवती को तीन अतिरिक्त बार अस्पताल लेकर आने पर आशा 100 रुपये प्रति भ्रमण के रूप में प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। गर्भवती को सुरक्षित संस्थागत प्रसव के बाद 45 दिनों तक मां और नवजात की देखभाल को संबंधित एएनएम या चिकित्सक की तरफ से प्रमाणित करने पर आशा कार्यकर्ता को 500 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। चिन्हित उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिला को पीएममएसएमए दिवस या विशेषज्ञ चिकित्सक से तीन अतिरिक्त एएनसी जांच कराने के लिए लाभार्थी को भी 100 रुपये प्रति भ्रमण देने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि यह धनराशि लाभार्थी के खाते में भेजी जाएगी।
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2275 महिलाएं की गईं चिह्नित
सीएमओ कार्यालय के सहायक समीक्षा अधिकारी आरपी विश्वकर्मा ने बताया कि अप्रैल 2021 से जनवरी 2022 तक 2275 महिलाएं एचआरपी के रुप में चिह्नित की गई हैं।
जिला महिला अस्पताल के स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक कुमार सिंह निर्मल का कहना है कि एचआरपी वाली गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। इसमें विशेष रूप से खून की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि चार से सात तक हीमोग्लोबिन अत्याधिक खून की कमी, ासत से नौ हीमोग्लोबिन जोखिम वाला है। इसी तरह पैरों में सूजन, सिरदर्द, आंखों में धंधुलापन, सीने में जलन जैसी समस्या है तो यह भी एचआरपी की श्रेणी में आती है। ऐसी महिलाओं को अस्पताल में आकर चिकित्सक से सलाह लेकर दवाओं व खानपान के स्तर को सुधारना होगा।

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