आज की कविता

जां निसार अख़्तर के चुनिंदा शेर

आहट सी कोई आए तो लगता है कि तुम हो
साया कोई लहराए तो लगता है कि तुम हो


अब ये भी नहीं ठीक कि हर दर्द मिटा दें
कुछ दर्द कलेजे से लगाने के लिए हैं

हाए उस वक़्त को कोसूँ कि दुआ दूँ यारो
जिस ने हर...और पढ़ें
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